Article 370 Hindi क्या है अनुच्छेद 370 और 35A पूरा इतिहास विस्तार से -Article 370 Kya Hai : Article 370 important Questions के साथ कब लागु हुआ Article 370 तथा कुछ Article 370 & Article 35A के बारे मे अनुच्छेद 370 का इतिहास और क्यो हटाया गया Article 370 Jammu Kashmir से सम्बन्धित इस अनुच्छेद के बारे मे प्रमुख बाते तथा बताएगे की Indian Constitution के अन्तर्गत इसके पिछी छुपी कुछ खास बाते।

Article 370 Hindi क्या है अनुच्छेद 370 और 35A पूरा इतिहास विस्तार से

Article 370 Kya Hai धारा 370 क्या है

  • केन्द्रीय गृहमंत्री ने राज्य सभा में अनुच्छेद 370 को रद्द करने वाला प्रस्ताव पेश किया।
  • राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 370 (1) प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग का संविधान (जम्मू और कश्मीर पर लागू) आदेश 2019 जारी किया।
  • संविधान (जम्मू और कश्मीर पर लागू) आदेश 1954 को या आदेश अधिक्रमण करेगा।
  • संविधान के भाग-21 के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू और कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला।

Article 370 के बारे मे

  • 1947 में जम्मु कश्मीर के तत्कालीन प्रधान मंत्री शेख अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 का मसवरा तैयार किया था।
  • जम्मू कश्मीर के राजा हरी सिंह पहले स्वतंत्र रहना चाहतें थे।
  • पाकिस्तानी सैनिकों के हस्ताक्षेप के बाद उन्हे भारत की जरूरत महसूश हुई थी।
  • राजा हरी सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर किया था।
  • विलय पत्र तब प्रचलन में आया जब भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 में ब्रिटिश भारत और पाकिस्तान में विभाजित किया।
  • विलय पत्र में शामिल विषयों पर एक केन्द्रीय कानून का विस्तार करने के लिए राज्य सरकार के साथ केवल परामर्श की होती है। जरूरत अन्य मामलों के लिए राज्य सरकार की सहमती जरूरी है।
  • 17 अक्टूबर 1949 को भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 शामिल किया गया।

Article 370 की प्रमुख बातें

  • संविधान में अध्यायी प्रावधान के तैर पर अनुच्छेद 370 शामिल हुआ।
  • जम्मू एवं कश्मीर में अपना स्वयं का संविधान था।
  • भारत के संविधान के भाग 6 जम्मू कश्मीर पर लागू नही था।
  • संविधान के भाग 6 में राज्य सरकार से संबन्धित प्रावधान है।
  • निम्म मुद्दों को छोंडकर राज्य विधान मंण्डल के पास अवशिष्ठ शक्तियाँ थी।
  • आतंकवाद कृत्यों में संलिप्त को संरक्षण ।
  • भारत के राज्य क्षेत्र की अखंडता और संप्रभुत्ता पर प्रश्न और विघटन करने वाले मामले।
  • राष्ट्रीय झंण्डे, राष्ट्रगान और भारत के संविधान का सम्मान न करना।
  • संसद द्वारा बनायी गयी प्रतिबन्धित निरोध संबन्धित विधियों राज्य में लागू नही।
  • राज्य पर लागू नही, होते राज्य के नीति निर्देशक तत्व और मूल कर्यव्यों के प्रावधान।
  • मूल अधिकार कुछ अपवादों एवं शर्तों के साथ राज्य पर लागू।
  • संपत्ती का मूल अधिकार राज्य पर लागू ।
  • राष्ट्रपति को राज्य में वत्तीय आपात घोशित करने का अधिकार नही।
  • आन्तरिक असंतुलन की स्थित में अपातकाल की सहमति के बिना लागू नही।

Article 370 कब लागू हुआ

  • 6 अक्टूबर 1947 को भारत के साथ जम्मू & कश्मीर के अस्थायी विलय की घोषणा कर दी और “Instruments of Accession of Jammu & Kashmir to India” पर अपने हस्ताक्षर कर दिये।
  • ने 20 अक्टूबर, 1947 को पाकिस्तान समर्थित ‘आजाद कश्मीर सेना’ ने पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर कश्मीर पर आक्रमण कर दिया और परिणाम स्वरुप काफी हिस्सा हथिया लिया था.
  • राष्ट्रपति का घलिया आदेश क्या है।
  • अनुच्छेद 370 में खंण्ड (1) द्वारा प्रदन्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने आदेश दिया।
  • यह आदेश तुरंत प्रवृत्त होगा।
  • जम्मू-कश्मीर राज्य के संबन्ध में लागू होगें समय-समय पर संशोधित संविधान के सभी उपवाद्य।
  • अनुच्छेद 370 में कुछ उपवाद्य जोडे जायेंगे।
  • 370 में उलज्जित राज्य की संविधान सभा को राज्य के राज्यपाल जो कि अपनी मंत्रि परिषद् शलाह पर कार्य करता है को दियें गये निर्देश माना जायेगा।
  1. नया संघ राज्यक्षेत्र बनाने के प्रावधान
  2. चर्चा में क्यों।
  3. राज्य और संघ राज्यक्षेत्र में क्या अंतर है।
  4. संविधान में नयें राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों के निर्माण के प्रावधान

Article 370 in Hindi

  • जम्मू एवं काश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक 2019 राज्य सभा से पारित हुआ।
  • जम्मू और कश्मीर पुनर्गठित विधेयक के अनुसार जम्मू कश्मीर अब राज्य नही रहेंगा।
  • जम्मू कश्मीक को दो केन्द्रशासित दोनो जम्मू-कश्मीर लद्दाख के रूप में करने का प्रस्ताव ।
  • जम्मू- कश्मीर केन्द्रशासित क्षेत्र में दिल्ली और पुंडुचेरी की तरह अपना विधान मंडल होगा।
  • जबकि लद्दाख में चंड़ीगढ की तरह विधान मंडल नही होगा।

संविधान में नये राज्य और केन्दसाशित प्रदेशों के निर्माण के प्रावधान

  • संविधान के भाग (1) और भाग (8) में चर्चा की गयी।
  • भाग (1) संघ और उसका राज्यक्षेत्र
  • अनुच्छेद 1- भारत, अर्थात India में राज्य का संघ होगा।
  • अनुच्छेद 2- नये राज्यों का प्रवेश या स्थापना की बात कही गयी है।
  • इसके अंतर्गत संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और सर्तों पर जो वह ठीक समझें संघ में नयें राज्य का प्रवेश या स्थापना कर सकेगी।
  • अनुच्छेद 3- संसद विधि द्वारा नये राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों सीमाओं या नामों में परिवर्तन कर सकती है।
  1. किसी राज्य में से उसका राज्य क्षेत्र अलग करके अथवा दो या अधिक राज्यों को या राज्यों के भागों को मिलाकर अथवा किसी राज्य को या राज्यों के भागों को मिलाकर अथवा किसी राज्य क्षेत्र को किसी राज्य के साथ मिलाकर नयें राज्य का निर्माण कर सकेगी।
  2. सांसद किसी राज्य का क्षेत्र बढा सकेगी।
  3. सांसद किसी राज्य का क्षेत्र घटा सकेगी।
  4. सांसद किसी राज्य की सीमाओं में परिवर्तन कर सकेगी।
  5. सांसद किसी राज्य के नाम में परिवर्तन कर सकेगी।
  • भाग 8 संघ राज्य क्षेत्र
  • अनुच्छेद 239 संघ राज्य क्षेत्रों का प्रशासन
  • अनुच्छेद 239 (क) का- दिल्ली के संबन्ध में विशेष उपबंध

राज्य और संघ राज्यक्षेत्र में क्या अंतर है।

  • राज्य की अपनी चुनी हुई सरकार होती है जबकि केन्द्र सरकार के पास संघ राज्य क्षेत्र के प्रशासन के नियंत्रण और नियम की शक्ती होती है।
  • राज्य का संविधानिक प्रमुख राज्यपाल जबकि संघ राज्य क्षेत्र के लिए राष्ट्रपति कार्यकारी प्रमुख है।
  • राज्य में मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद करतें है कार्यपालिका शक्तियों का निर्वाहन जबकि राष्ट्र पति द्वारा संघ राज्य क्षेत्र का प्रसासन चलाता है।
  • राज्य अपना विधान मंण्डल और राज्य सूची और संपत्ती सूची के विषयों पर कानून बना सकता है जबकि दिल्ली और पुडुचेरी के अलावा अन्य संघ राज्यों में विधानमंण्डल का प्रावधान नही है।
  • उदाहरण के तौर पर दिल्ली और पुडुचेरी के लिए विधान मंडल का प्रावधान है।
  • राज्यों के केन्द्र सरकार के साथ संबन्ध होतें है संधि संबन्ध जिनमें राज्य और केन्द्र के बीच होता है जबकि शक्तियों का बाँटवारा संघ राज्यक्षेत्रों के मामले में सभी शक्तियों केन्द्र में निहित होती है।
  • वर्तमान के देश में 29 राज्य और 7 संघ राज्यक्षेत्र जम्मू-कश्मीर के विभाजन के बाद 28 राज्य और 9 संघ राज्य होंते है।